10 चीजें जो आपको तुर्की संस्कृति के बारे में पता होनी चाहिए

10 चीजें जो आपको तुर्की संस्कृति के बारे में पता होनी चाहिए

अपने परिवेश में घुले हुए ऐतिहासिक अतीत, समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के साथ तुर्की हर साल दुनिया भर के लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। साथ ही, बहुत सारे लोग तुर्की में काम करने और रहने भी आ रहे हैं। यहाँ वो 10 चीजें दी गयी हैं जिनसे तुर्की में अपने निवास के दौरान आपका निश्चित रूप से सामना होगा और साथ ही बताया गया है कि तुर्की की संस्कृति के बारे में आपको क्या पता होना चाहिए...

1. नाश्ते की संस्कृति

दुनिया के हर देश में नाश्ता बनाया जाता है, लेकिन ऐसा नाश्ता खोजना बहुत मुश्किल है जो तुर्की नाश्ते के लिए उपयुक्त होता हो। दरअसल, नाश्ते का अंग्रेज़ी शब्द ब्रेकफास्ट "कॉफ़ी" और "पहले" शब्दों का संयोजन है। 

चूँकि तुर्की कॉफी का स्वाद बहुत तेज होता है, इसलिए आपको खाली पेट कुछ खा लेना चाहिए। इसलिए, "ब्रेकफास्ट" शब्द का अर्थ है, कॉफी से पहले। दुनिया के अधिकांश देशों में, नाश्ते को दिन की शुरुआत के लिए एक नियमित आवश्यकता के रूप में देखा जाता है, लेकिन तुर्की में, यह एक सरगर्म वातावरण को दर्शाने के लिए होता है जो परिवार और दोस्तों को एक साथ लाता है। हालाँकि, नाश्ते की मेज पर खीरा, टमाटर, मसालेदार जैतून, अंडे, सॉसेज, विभिन्न चीज़ और ताज़ा ब्रेड या बैगेल जैसे पेस्ट्री उपलब्ध होते हैं, लेकिन कोई भी नाश्ता ताज़ा चाय के बिना पूरा नहीं होता है।

2. चाय

तुर्की में चाय के बिना नाश्ते, परिवार से मुलाकात, व्यावसायिक बैठक, ग्रैंड बाज़ार की कालीन पर मोलभाव या नाव की सवारी की कल्पना करना मुश्किल है। जब आप इस्तांबुल या तुर्की के ऐतिहासिक ज़िले के किसी छोटे से शहर में जाते हैं, तो हर दिन कुछ कप चाय पीने के लिए तैयार रहें। यहाँ चाय एक लोकप्रिय पेय है जो सुबह के समय तुर्क लोगों को जगाती है और देर रात उन्हें साथ लाती है।

चाय का अनुरोध करने पर, इसे "खरगोश के खून" के रंग में माँगा जाता है और चीनी के साथ या इसके बिना पीया जा सकता है। किसी तुर्की घर में जाने पर, वहां का मेजबान ताज़ी बनी हुई चाय पेश करता है। यह आतिथ्य और दोस्ती के संकेत के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। आमतौर पर एक अच्छे कप का प्रयोग किया जाता है, इस कप को रेसिपी में माप की इकाई के रूप में प्रयोग किया जाता है। सड़क के किनारे स्थित कैफ़े से गुजरते समय, आप चाय के प्यालों में चम्मच की आवाज़ सुन सकते हैं।

3. कॉफ़ी

बहुत बारीक पीसी हुई अरेबिका बीजों से उत्पादित, तुर्की कॉफी ने अपने तेज स्वाद, विशेष तैयारी और परोसने के तरीकों की वजह से दुनिया भर में प्रसिद्धि प्राप्त की है। तुर्की कॉफ़ी, जिसे आमतौर पर नाश्ते के बाद पीया जाता है, शादी की परंपराओं में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पुराने ज़माने में, शादी के लिए लड़की का हाथ मांगने जाने पर, होने वाली दुल्हन को तुर्की कॉफ़ी बनाने की उसकी क्षमता के आधार पर आँका जाता था। 

यहाँ तक कि आज भी, लड़की देखने जाने पर होने वाली दुल्हन के द्वारा तुर्की कॉफ़ी ही परोसी जाती है। वो कॉफ़ीहाउस जहाँ 16वीं सदी से कॉफ़ी बनाई और पी जाती थी, वही स्थान थे जहाँ करागोज़ और हसीवत जैसे छाया नाटक प्रदर्शित किये जाते थे, और जहाँ उस्मानी साम्राज्य की मौखिक संस्कृति का प्रचार हुआ था। आज, कॉफ़ीहाउसों को एक ऐसी जगह के रूप में जाना जाता है, जहाँ लोग एक दूसरे से मिलने-जुलने, राजनीति की बात करने और चाय या कॉफी पीने और बैकगैमौन और विभिन्न कार्ड गेम खेलने के लिए जाते हैं।

4. बुरी नज़र से बचाने वाला तालीस्मान

यह एक नीले आँखों के आकार का मनका होता है जो कांच से बना होता है और पारंपरिक रूप से तुर्की में प्रयोग किया जाता है। इसका मतलब है "नज़र", और ऐसा माना जाता है कि यह बुरी नज़र को दूर रखना है और अगर चीजें सही से चलती हैं तो यह बुरे परिणामों से बचने में मदद कर सकता है।

बुरी नज़र का अंधविश्वास प्राचीन समय से आता है और दुनिया भर की ज्यादातर संस्कृतियों में पाया जाता है। तुर्की में कहीं भी जाने पर, मालिक को बुरी ऊर्जा और दूसरों की ईर्ष्यालु नज़र से बचाने के लिए, घर में या यहाँ तक कि कार के पिछले शीशे में भी बुरी नज़र से बचाने वाला तालीस्मान दिखाई दे सकता है।

5. तुर्की हमाम

प्राचीन रोम में अस्तित्व में आने वाले हमाम एक ऐसे स्थान के रूप में जाने जाते हैं जहाँ तुर्की परंपरा में लोग सफाई और राहत पाने की विधि के रूप में लोगों से मिलते-जुलते हैं। भाप के बजाय तुर्की हमाम गर्म और ठंडे पानी पर केंद्रित होते हैं। इंसान के शरीर को बहुत सारे साबुन के बुलबुलों से रगड़ा जाता है, मृत कोशिकाएं हटाई जाती हैं और विशेष रूप से पर्यटकों के लिए हमामों में अनुरोध पर शरीर की मालिश भी उपलब्ध होती है। 

1584 में प्रसिद्ध वास्तुकार सिनान द्वारा निर्मित, सेम्बर्लीटस हमाम काफी प्रसिद्ध है, जिसे एक क्लासिक हमाम माना जाता है। अभिनेता रसेल क्रो की "द वॉटर डिवाइनर" की कुछ दृश्यों की शूटिंग यही की गयी थी।

6. दोनेर-कबाब

दोनेर कबाब लगभग दुनिया भर में प्रसिद्ध है और वर्तमान में यूरोप में लगभग हर जगह मिलता है। जाहिर तौर पर, इसकी सामग्रियों और चटनियों को स्थानीय आदतों और स्वाद के अनुरूप रखा जाता है।

आमतौर पर, इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जैसे उदाहरण के लिए, इस्तांबुल में रहने वाले अरब लोग वर्तमान में इसे सावरमा कहते हैं। शुरुआत में, दोनेर कबाब में मेमने के मांस का प्रयोग किया जाता था। वर्तमान में, इस्तांबुल में, इसे कभी-कभी मेमने और बीफ के मिश्रण से बनाया जाता है, जबकि यह ज्यादातर बीफ और चिकन से बनता है। प्रसिद्ध तुर्क यात्री इवेलिया केलेबी, जो 17वीं शताब्दी में यहाँ रहते थे, कबाब को एक क्षैतिज मांस के रूप में मानते थे। 1860 के दशक में, ऐसा ज्ञात है कि बर्सा के इस्कंदर एफेंदी ने सीधा तंदूर बनाकर कबाब को एक अलग तरीके पेश किया था और पतले टुकड़ों में परोसा था। इसे दोनेर कबाब, दोनेर द्युरम और इस्कंदर कबाब के रूप में परोसा जाता है।

7. नसीरुद्दीन होद्ज़ा

सारी दुनिया तुर्की के नसीरुद्दीन होद्ज़ा और उनकी मज़ेदार कहानियों के बारे में जानती है। हालाँकि, वह अकसीर, कोन्या में रहते थे, लेकिन उनकी कहानियाँ बाल्कन से लेकर फारसी, अरब और अफ्रीकी संस्कृतियों तक, सिल्क रोड से चीन और भारत तक फैली हुई हैं।

नसीरुद्दीन होद्ज़ा की कहानियों में आमतौर पर नैतिक सबक या लोक ज्ञान शामिल होते हैं, जो तुर्की की लोककथाओं का एक अनोखा और मनोरंजक चरित्र है। उनकी हास्य की समझ बहुत अच्छी थी और वो कहानी कहने की कला के माध्यम से प्रतीकात्मक संदेशों को लोगों तक पहुँचाने में समर्थ थे और उन्हें हास्य के प्रयोग से सामाजिक समस्याओं पर जोर देने की अपनी अद्भुत क्षमता के लिए भी जाना जाता है। तुर्की में हर साल 5-10 जुलाई के बीच, अंतर्राष्ट्रीय नसीरुद्दीन होद्ज़ा महोत्सव का आयोजन किया जाता है।

8. तेल वाली कुश्ती

तेल वाली कुश्ती, जिसे तुर्क "पूर्वजों का खेल" कहते हैं, एक ऐसी कुश्ती है जिसके अपने खुद के नियम हैं और जहाँ पहलवानों के शरीर पर जैतून का तेल लगा होता है। कुश्ती में, पहलवानों के लिए एक-दूसरे को पकड़ पाना लगभग असंभव होता है क्योंकि वो तेल में डूबे होते हैं। 

यह प्रतियोगिता एर मैदानी (प्रतियोगिता के मैदान) में आयोजित की जाती है। प्रतियोगी पारंपरिक काले परिधान पहनते हैं और किरकपीनार गोल्ड आर्च, मुख्य पहलवान, की उपाधि के साथ सदियों पुरानी परंपरा को सम्मान देने के लिए संघर्ष करते हैं। इस राष्ट्रीय तुर्की खेल को दुनिया में सबसे पुराने कुश्ती समारोह के रूप में जाना जाता है, जिसे वर्तमान में एडिरने में आयोजित किया जाता है।

9. तुर्किश डिलाइट

इस मिठाई का लगभग 500 साल पुराना इतिहास है, जो तुर्की के सबसे लोकप्रिय निर्यातों में से एक है। दुनिया की सबसे पुरानी मिठाइयों में से एक, तुर्किश डिलाइट को पारंपरिक रूप से विशेष लेस वाले रूमालों में लपेटा जाता था। 

यह मिश्रण, जिसे चीनी की चाशनी और स्टार्च मिल्क के मिश्रण को पांच से छह घंटों तक पकाकर पाया जाता है, गुलाब, गोंद, सादा, पुदीना, कॉफी, अखरोट, मूंगफली और हेज़लनट सहित 24 से अधिक स्वादों में पेश किया जाता है। तुर्किश डिलाइट के सबसे प्रसिद्ध निर्माता हैसी बेकिर, दुनिया भर में अपने ग्राहकों को तुर्किश डिलाइट भेजते हैं।

10. बक्लावा

बक्लावा एक पारंपरिक तुर्की मिठाई है जिसका तुर्की के कई परिवारों में नियमित रूप से सेवन किया जाता है। दोस्तों और रिश्तेदारों के लिए तुर्की से विदेशों में बक्लावा ले जाना काफी लोकप्रिय है। यह बैठकों और समारोहों का अनिवार्य अंग भी है। दक्षिणपूर्वी तुर्की में गज़ियान्तेप को बक्लावा की राजधानी माना जाता है।

वर्तमान में, तुर्क लोग दुकानों से बक्लावा खरीदते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग अभी भी अनुभवी माँ या दादी के हाथों का बक्लावा पसंद करते हैं। तुर्की में पिस्ता से बक्लावा बनाया जाता है और काले सागर के आसपास के इलाकों में हेज़लनट पसंद किया जाता है और यह मध्य पूर्व का सबसे अटूट स्वाद है।

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