इस्तांबुल के ऐतिहासिक स्थल

इस्तांबुल के ऐतिहासिक स्थल

कभी दुनिया के दो सबसे बड़े साम्राज्यों का स्थान, इस्तांबुल, आज के समय में 15 मिलियन से भी ज्यादा की आबादी वाले दो महाद्वीपों में फैला हुआ है और हर साल यहाँ के ऐतिहासिक स्थलों को देखने लाखों पर्यटक आते हैं। अपने संपूर्ण इतिहास के दौरान विभिन्न संस्कृतियों, जातियों, धार्मिक पहचानों और जीवनशैलियों को रहने की जगह देने के कारण, इस्तांबुल, दुनिया में बड़ी जनसँख्या और अर्थव्यवस्था वाले वैश्विक शहर के रूप में भी उभरकर सामने आता है। न केवल इसकी ऐतिहासिक सुंदरता, बल्कि वित्त, व्यापार, सेवा उद्योग और यहाँ तक कि हाल के वर्षों में सीरीज उद्योग के क्षेत्र में बढ़ोतरी ने भी पर्यटन के क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाया है, दो महत्वपूर्ण साम्राज्यों की राजधानी के ऐतिहासिक स्थलों के बारे में यहाँ विवरण प्रदान किया गया है.

इस्तांबुल का केंद्र, सुल्तानअहमत

इस्तांबुल के केंद्र, सुल्तानअहमत क्षेत्र, को अपने प्रशासकीय केंद्र के कारण बीजान्टिन और उस्मानी साम्राज्य में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता था। यहाँ हागिया सोफिया और सुल्तानअहमत मस्जिद स्थित हैं, जिन्हें इस्तांबुल के प्रतिष्ठित प्रतीक के रूप में माना जाता है। इन दो इमारतों के बीच, स्थानीय लोग रोज़ा रखते हैं, और पर्यटक सुल्तानअहमत में घूमने आते हैं, जो रमजान के महीने के दौरान एक सामान्य दृश्य है।

हागिया सोफिया संग्रहालय:

लाल रंग के बाहरी भाग, और बड़े गुंबद के साथ, यह संग्रहालय बीजान्टिन मोज़ेक के साथ सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है, जो कई सालों से वहां लगे हुए हैं। यह चर्च, जिसे बीजान्टिन अवधि के दौरान एक चर्च के रूप में और उस्मानी काल में एक मस्जिद के रूप में इस्तेमाल किया जाता था, 1934 से एक संग्रहालय के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इस्तांबुल के ऐतिहासिक स्थलों में से, टोपकापी पैलेस के बाद इसे सबसे अधिक देखे जाने वाले संग्रहालय के रूप में जाना जाता है

सुल्तान अहमत मस्जिद: 

हागिया सोफिया के दूसरी तरफ, एक छह-मीनार वाला सुल्तानअहमत मस्जिद है, जिसे उस्मानी साम्राज्य के सुल्तानअहमत प्रथम ने सेदफ्कर मेहमद आगा को चुनौती देने के लिए बनवाया था। इसमें लगी 20 हजार से अधिक नीले रंग की इज़निक टाइलों के कारण इसे यूरोपीय लोगों द्वारा नीले मस्जिद के रूप में जाना जाता है।

बेसिलिका जलाशय:

इस जलाशय को शहर के सबसे अद्भुत और यादगार स्थलों में से एक माना जाता है, जो बीजान्टिन इंजीनियरिंग का काम है। जबसे 1963 में जेम्स बांड की फिल्म "विद लव फ्रॉम रशिया" और 2016 में डैन ब्राउन की किताब पर आधारित फिल्म "हेल" की यहाँ शूटिंग हुई है, तबसे यह जगह पर्यटकों के सबसे पसंदीदा दर्शन स्थलों में से एक बन गयी है जहाँ वो हमेशा आते हैं। 

टोपकापी पैलेस:

सुल्तानअहमत क्षेत्र में स्थित टोपकापी पैलेस को तुर्की के सबसे ज्यादा पसंदीदा संग्रहालय के रूप में जाना जाता है जहाँ हर साल सबसे ज्यादा लोग घूमने आते हैं। यह महल 1478 से 1853 तक उस्मानी साम्राज्य का महल था। फातिह सुल्तान मेहमत द्वारा निर्मित इस महल के अंदर, 86 कैरेट का आंसू के आकार का स्पूनमेकर हीरा मौजूद है। यह सरायबर्नु में एक पहाड़ी पर स्थित है जहाँ से बोस्पोरुस दिखाई देता है। इस महल में जनानखाना भी मौजूद है, जो एक ऐसा प्राच्य प्रतीक है जो पश्चिम में कई चित्रों का विषय रहा है।

हॉर्स स्क्वायर: 

यह स्थान पूर्व रोमन और बीजान्टिन काल में रेस ट्रैक हुआ करता था, और उस्मानी काल के दौरान घोड़ों के लिए एक व्यायाम क्षेत्र के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। इस क्षेत्र में स्थित ग्रेनाइट मिस्री स्मारक-स्तंभ, आपस में लिपटे हुए कांस्य के सांप और फव्वारा, जर्मन सम्राट कैसर विल्हेम द्वितीय द्वारा 1898 में शहर का दौरा करने के बाद सुल्तान अब्दुलहमीत के लिए बनवाया गया था। यह स्थान कई स्थानीय और विदेशी पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करता है।

पुरातत्व संग्रहालय:

टोपकापी पैलेस में स्थित, यह संग्रहालय दुनिया के सबसे बड़े संग्रहालयों में से एक माना जाता है। इस संग्रहालय की स्थापना संग्रहाध्यक्ष और कलाकार, ओस्मान हमदी बे, ने की थी ताकि प्रतिष्ठित प्राचीन वस्तुओं को गैर-कानूनी तरीके से यूरोप भेजने से रोका जा सकते। इस संग्रहालय में लगभग दस लाख कृतियां मौजूद हैं जो तीन इमारतों में फैली हुई हैं।

इस संग्रहालय में मौजूद संगमरमर के नक्काशीदार युद्ध के दृश्य, लीशन सरकोफेगी और इस्कंदर सरकोफैगस, कादेश संधि का मूल पाठ, जिसे पहली लिखित शांति संधि माना जाता है, लोगों का ध्यान आकर्षित करते हैं। उसी बाग में मौजूद टाइलों वाली छत यहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए सेल्जुक और उस्मानी टाइलों का अद्भुत संग्रह प्रस्तुत करती है। 

उद्गम काल के काम

द ग्रैंड बाज़ार:

Works of the

फ़ातिह सुल्तान मेहमत द्वारा 1453 में इस्तांबुल पर विजय के थोड़े समय के बाद द ग्रैंड बाज़ार का निर्माण किया गया था। अपनी गुंबददार छतों और संकरी गलियों के साथ, इसे इस्तांबुल के सबसे प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में से एक के रूप में माना जाता है, जहाँ खरीदारी के बहुत ज्यादा अवसर उपलब्ध हैं। 550 साल पुरानी इमारत में स्मृति चिन्ह, कालीन विक्रेता, सोने और चमड़े की दुकानें मौजूद हैं, और यहाँ 4,000 से भी अधिक दुकानें हैं। पहले, बाज़ार में छत से प्राकृतिक दिन के उजाले से रोशनी आती थी और अब बिजली का प्रयोग किया जाता

सुलेमानियां मस्जिद: 

इसे प्रसिद्ध वास्तुकार सिनान की उत्कृष्ट कृतियों में से एक माना जाता है। इसके बीच में एक बड़ा गुंबद और चार मीनारें, कारवां सराय, एक अस्पताल, एक मदरसा और कब्रें हैं। इसे महान सुल्तान सुलेमान के आदेश से 16वीं शताब्दी के मध्य में बनाया गया था। इस इमारत में महान सुलेमान के साथ, हुर्रेम सुल्तान की कब्र भी स्थित है, जिसे यूक्रेनी मूल के रोक्सेलाना के रूप में जाना जाता है।

सुलेमानिया से लेकर गोल्डन हॉर्न तक

एमिनोनु नयी मस्जिद:

गोल्डन हॉर्न के किनारे स्थित, इस मस्जिद को कबूतरों के झुंड के ठिकाने के रूप में भी जाना जाता है। एक बेहद गुंबददार छत के साथ इस इमारत में नीले और फिरोज़ी रंग के टाइलों की भरमार है। 1597 में, इस मस्जिद का निर्माण मेहमत तृतीय की माँ, वालिदे सफिये सुल्तान द्वारा करवाया गया था, और यह यहूदी क्वार्टर में स्थित था। लंबे युद्धों और आंतरिक अशांति की वजह से उत्पन्न वित्तीय संकट के कारण मस्जिद 1663 में पूरी हो पायी।

मिस्री बाज़ार:

मिस्री बाज़ार का निर्माण 1660 में नयी मस्जिद पर पूंजी लगाने के लिए किया गया था। यह एल-आकार का बाज़ार उस समय मिस्र से लायी जाने वाली ताज़ी काली मिर्च, धनिया, मेंहदी और सूखी घास के कारण क्षेत्रीय आकर्षण का केंद्र था। आजकल, अगर आपको पर्यटन संबंधी उत्पादों में रूचि है तो भी आप वहां ये उत्पाद पा सकते हैं। बाज़ार के बाहर वो मार्केट है जहां स्थानीय लोग खरीदारी करते हैं। यहाँ आप ताज़े ब्रेडेड चीज़ से लेकर सूखे शहतूत तक, पिस्ता से लेकर अखरोट की स्टफिंग तक, सूखे फल से लेकर राब तक कई उत्पाद खरीद सकते हैं

पुराने कस्बे से नए कस्बे तक

गलता पुल:

सदियों से, गोल्डन हॉर्न के पुराने शहर से "नए" शहर तक परिवहन नाव से ही प्रदान किया जाता था, जब तक कि गलता और बेयोलू ज़िलों को जोड़ने वाले पुल का निर्माण नहीं हुआ, जो मुख्य रूप से गैर-मुस्लिम ज़िले हैं। जब 16वीं सदी में पुल बनाने की बात आयी तो पुनर्जागरण काल के प्रसिद्ध कलाकार लियोनार्डो दा विंची ने पुल बनाने के लिए सुल्तान के पास एक प्रस्ताव भेजा। हालाँकि, पहले पुल का निर्माण 1845 में पूरा हो गया था, लेकिन यह अपनी वर्तमान स्थिति में 1994 में पहुँचा। लगभग 500 मीटर लंबा गलता पुल ऊपर मछुआरों, और नीचे कैफे एवं रेस्टोरेंट के साथ इस्तांबुल के ऐतिहासिक स्थानों के लिए एक उपयुक्त विकल्प ह

गलता टॉवर:

बोस्पोरुस के मनोरम दृश्य के साथ, इस 62 मीटर पतले टॉवर का निर्माण 1348 में बोस्पोरुस में जहाज़ों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए जेनोसे द्वारा करवाया गया था, जब गलता क्षेत्र वास्तव में एक स्वायत्त व्यापार उपनिवेश था। उन लोगों के लिए जिन्हें ऊंचाई पसंद नहीं है, जब आप काराकोय से टनल तक जाते हैं, जो एक 19वीं शताब्दी की भूमिगत बिजली के तारों पर चलने वाली रेल है, तो आप गलता टॉवर पहुँच सकते हैं और सीधे तकसीम इस्तिकलाल जा सकते हैं।

टनल से इस्तिकलाल तक

इस्तिकलाल मार्ग:

तकसीम में इस्तिकलाल मार्ग पर चलते हुए, जो दुनिया भर के लोगों को आकर्षित करता है, रुमेली हान में अरबी में लिखे गए सबसे खूबसूरत दरवाज़ों में से एक है। उससे थोड़ा आगे आगा मस्जिद है, जो एक पारंपरिक उस्मानी मस्जिद है जिसमें एक पारंपरिक गुंबददार छत और एक बेलनाकार मीनार है, जो 1594 के समय की है। ऐतिहासिक इमारतों के बीच, हाल ही में निर्मित आधुनिक डेमिरोइन शॉपिंग सेंटर है, जो विशेष रूप से युवा पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करता है

फ्लावर मॉल: 

तकसीम इस्तिकलाल मार्ग को इस्तांबुल के ऐतिहासिक स्थलों में से एक माना जाता है और यह उन इमारतों में से एक है जिन्हें फ्लावर मॉल से पहले नहीं देखा जाना चाहिए। यहाँ नॉम थिएटर और इटैलियन ओपेरा स्थित थे, जिन्हें 19वीं शताब्दी में इस क्षेत्र के जीवंत सांस्कृतिक ताने-बाने का हिस्सा माना जाता था। 1870 में भयानक आग के बाद, यह इमारत राख में बदल गयी थी, इसके बाद ग्रीक-तुर्की बैंकर हरिस्ताकी जोग्राफोस एफेंदी ने यह जमीन खरीदी थी और इसे दोबारा निर्मित करवाया था। 1940 के दशक में, यहाँ फूल वाले काम करते थे इसलिए, इसे इस्तांबुल के लोगों द्वारा फ्लावर मॉल के रूप में जाना जाता है।

इस्तांबुल में पर्यटकों का स्वागत करने के लिए बीजान्टिन चर्च से लेकर उस्मानी मस्जिद, नाइट क्लब, आर्ट गैलरी, कैफे, और समुद्र तट पर फिश रेस्टोरेंट तक कई स्थान हैं।

तुर्की में, जो भी व्यक्ति कम से कम 250,000 USD मूल्य की अचल संपत्तियां खरीदता है, वो दुनिया के दो साम्राज्यों की राजधानी रहे, इस्तांबुल में घूमने के लाभ उठा सकता है, और तुर्की नागरिकता के लाभ भी उठा सकता है। अचल संपत्ति निवेशों के संबंध में तुर्की के सबसे मूल्यवान शहर, इस्तांबुल, में बहुत अच्छे विकल्प मौजूद हैं। इस्तांबुल में अचल संपत्ति खरीदकर नागरिक बनने के लिए, आप ट्रेम ग्लोबल की बेहद आकर्षक परियोजनाओं पर एक नज़र डाल सकते हैं और सभी नागरिकता प्रक्रियाओं जैसे मुद्दों पर पेशेवर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

  • राज्य गारंटी परियोजनाएं
  • कानून और निवेश परामर्श
  • निजीकृत निवेश समाधान
  • बिक्री के बाद सेवा की उच्च गुणवत्ता
  • निवेशकों के लिए विशेष पैकेज
  • 3 महीने के भीतर तुर्की पासपोर्ट
1