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तुर्की की बड़ी परिवहन परियोजनाएं

तुर्की की बड़ी परिवहन परियोजनाएं

हाल के वर्षों में, परिवहन, संरचना, ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों जैसी परियोजना के फ्रेमवर्क के अंदर तुर्की की लक्ष्य 2023 योजना आगे बढ़ रही है। परिवहन के क्षेत्र में बड़े पैमाने की परियोजनाएं अपनी वित्तीय लागत के साथ कई देशों की राष्ट्रीय आय को बेहतर बनाती हैं। परिवहन निवेशों के साथ संयुक्त रूप से, पूर्व और पश्चिम के बीच पुल के रूप में तुर्की की रणनीतिक स्थिति न केवल बड़ी है, बल्कि यह प्रमुख परिवहन गंतव्य प्रदान करने वाला प्रमुख पारगमन देश भी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य, 80 मिलियन से ज्यादा की आबादी के साथ गाँव से बड़े शहरों में आने वाले लोगों की वजह से उत्पन्न होने वाली भारी यातायात जैसी समस्याओं के विरुद्ध, स्थानीय नगरपालिकाओं का सहयोग करना भी है। तुर्की की बड़ी परिवहन परियोजनाएं परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के विकास को प्रोत्साहन देती है, जिसमें 2002 के बाद से 20% की वार्षिक वृद्धि दर्ज़ की गयी है। यहाँ हाई-स्पीड ट्रेन कनेक्शन, पुल, सबवे, दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डे और 50 किमी नहर के निर्माण सहित अन्य परियोजनाओं का विवरण दिया गया है, जो इस्तांबुल के आधे हिस्से को एक द्वीप में बदल देगा।

मारमरा परियोजना

इस्तांबुल में बढ़ते हुए यातायात के समाधान के रूप में परिवहन मंत्रालय द्वारा निर्मित सबसे बड़ी परियोजनाओं में मारमरा परियोजना सबसे आगे है। दरअसल, पानी के नीचे एक सुरंग के माध्यम से दो किनारों को जोड़ने का विचार एक फ्रेंच इंजीनियर ने सुल्तान अब्दुल हमीद के सामने प्रस्तुत किया था।

यह परियोजना, जिसे आज की तकनीकी सुविधाओं से पूरा किया गया है, भूमिगत के रूप में दो महाद्वीपों को जोड़ती है और ऊपर एशियाई तरफ हल्काली से एशियाई तरफ गेब्ज तक आधुनिक, उच्च क्षमता वाली, तेज और अन्य परिवहन सेवाओं को जोड़ा जाना है। पूर्व और पश्चिम के साथ संयोजन में विचार करने पर भविष्य में यूरोपीय हाई-स्पीड ट्रेन नेटवर्क, इस्तांबुल-अंकारा हाई स्पीड ट्रेन और कार्स-तबिलिसी रेलवे परियोजनाओं के साथ मारमरा परियोजना जैसी तुर्की की बड़ी परिवहन परियोजनाओं से एक सुचारु परिवहन नेटवर्क बनाने की उम्मीद है। इस परियोजना के साथ ऑटोमोबाइल ट्रैफिक के बोझ को कम करना और वायु प्रदूषण और व्यक्तिगत वाहनों पर निर्भरता कम करके वाहनों का उपयोग कम करना संभव हो जाता है, जो एशिया और यूरोप के बीच की दूरी को 4 मिनट तक कर देती है।

इस्तांबुल हवाई अड्डा

हाल ही में, विदेश यात्रा करने वाले तुर्की नागरिकों की संख्या में वृद्धि और साथ ही साथ कम से कम 250,000 अमेरिकी डॉलर की अचल संपत्ति खरीदने वाले लोगों के लिए नागरिकता पाना आसान होने की वजह से, तुर्की में एयरलाइन की मांग में वृद्धि भी देखी गयी है। बढ़ती मांग के कारण तुर्की एयरलाइंस दुनिया की सबसे बड़ी एयरलाइनों में से एक बन रही है। इस्तांबुल के मौजूदा हवाई अड्डों पर क्षमता की कमी के कारण, वर्तमान में यूरोपीय तरफ अर्नवूतकोय जिले में निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, पर्याप्त होने की उम्मीद है।

इस्तांबुल हवाई अड्डा वैश्विक विमानन केंद्र बनने का प्रत्याशी प्रतीत होता है जो 100 से अधिक एयरलाइनों और दुनिया भर में 300 से अधिक गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित करता है, जिसमें 2028 तक छह रनवे और चार चरणों के पूरा होने के बाद 200 मिलियन यात्रियों की वार्षिक क्षमता होगी। इस प्रकार, इसकी क्षमता और इस्तांबुल में इसकी रणनीतिक भूगौलिक स्थिति देखते हुए, केवल सीधी उड़ानों के लिए ही नहीं, बल्कि इसके क्षेत्रीय स्थानांतरण आधार बनने की भी उम्मीद है। क्योंकि दुनिया की उच्च विकास अर्थव्यवस्थाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा देश की छह घंटे की उड़ान सीमा के भीतर है, इसे न केवल यात्री बल्कि हवाई अड्डे के कार्गो परिवहन का केंद्र बनाने की भी योजना है।

यूरेशिया सुरंग परियोजना 

तुर्की की प्रमुख परिवहन परियोजनाओं में से एक यूरेशिया सुरंग परियोजना, इस्तांबुल के बढ़ते यातायात की समस्या का समाधान करने के लिए है, जिसमें कैलिचेसमे और गोजटेपे राजमार्गों के बीच एक डबल-डेक सुरंग का निर्माण शामिल है। बोस्पोरुस के समुद्र तल के नीचे बनी सुरंग में दोनों दिशाओं में 120 हज़ार वाहनों की दैनिक क्षमता है। यह परियोजना 2016 की दिसंबर में लागू की गयी थी, जो कैलिचेसमे और गोजटेपे के बीच के सफर की अवधि को 100 मिनट से घटाकर 15 मिनट कर देती है। परियोजना पूरी होने के बाद, संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस और मलेशिया के बाद, सिटी यूरेशियन सुरंग के साथ तुर्की पनडुब्बी वाहन सुरंगों वाला दुनिया का चौथा देश है, जो फ़ातिह सुल्तान मेहमत पुल और ई-5 के सबसे व्यस्त केंद्रों की यातायात भीड़ को काफी कम करता है।

यूरेशियन सुरंग की वजह से शहर के सबसे व्यस्त केंद्रों, फ़ातिह सुल्तान मेहमत पुल और ई -5 हाईवे, पर यातायात में काफी कमी देखी गयी है। फॉल्ट लाइनों से इसकी निकटता की वजह से सुरंग को 9 परिमाण के भूकंप का सामना करने के लिए बनाया गया है, साथ ही क्लोज्ड कैमरा सिस्टम, घटना का पता लगाने की प्रणाली, संचार और चेतावनी प्रणाली द्वारा गति नियंत्रण प्रदान किया जाता है, जो 24/7 हर बिंदु पर नज़र रखते हैं।

तीसरा पुल: यवुज सुल्तान सेलिम पुल

तुर्की की प्रमुख परिवहन परियोजनाएं मुख्य रूप से इस्तांबुल में आकार ले रही हैं, जो 2023 तक तुर्की को दुनिया की दस सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक में शुमार करने के प्रयास का हिस्सा हैं। चूँकि इस्तांबुल में 60% व्यवसाय यूरोपीय तरफ विकसित हो रहे हैं, इसलिए एशियाई तरफ मौजूद शहर के ज्यादातर निवासी हर दिन बेयोलू, सिसली, लेवेंट और मसलक जैसे केंद्रीय क्षेत्रों में जाने के लिए मजबूर हो गए हैं। इसलिए, शहर के उत्तर में नए रोजगार केंद्र बनाकर दक्षिण में इस तीव्रता को कम करने की योजना बनाई गयी है।

यवुज सुल्तान सेलीम पुल, दुनिया का आठवां सबसे लंबा सस्पेंशन ब्रिज है, जो रेल और मोटर वाहनों के लिए दुनिया का सबसे बड़ा, सबसे लंबा पुल है, जिसे 2015 के अंत में खोला गया था, और इसमें 8-लेन का राजमार्ग और 2-लेन के रेलवे कनेक्शन शामिल हैं। पुल का नाम यवुज सुल्तान सेलिम के नाम पर पड़ा है, जो 16वीं शताब्दी के उस्मानी सुल्तानों में से एक थे, और इसे उत्तरी मारमरा मोटरमार्ग का हिस्सा माना जाता है, जिसे इस्तांबुल के शहरी क्षेत्रों से बाहर निर्मित किया गया था। 3 बिलियन डॉलर की पुल परियोजना को मारमरा और इस्तांबुल मेट्रो के साथ एकीकृत करने और नवनिर्मित इस्तांबुल हवाई अड्डे और सबीहा गोकेन हवाई अड्डे से जोड़ने की योजना है।

चैनल इस्तांबुल परियोजना

चैनल इस्तांबुल परियोजना, शायद तुर्की की प्रमुख परिवहन परियोजनाओं में से सबसे ज्यादा महँगी और सबसे मुश्किल परियोजना है। सूचीबद्ध प्रमुख परिवहन परियोजनाओं के रूप में तुर्की सबसे आगे है। 50 किलोमीटर की इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र की आर्थिक, सामाजिक और शहरी संरचना को दोबारा आकार देना है, जो इस्तांबुल के उत्तरी यूरोपीय हिस्से में स्थित काले सागर को दक्षिण में मारमरा सागर से जोड़ेगी। इस चैनल से प्रतिदिन 160 जहाज़ों को ले जाने की क्षमता की उम्मीद की जा रही है, जो समुद्र स्तर पर एक कृत्रिम जलमार्ग होगा

इस तरह, जहाज़ों को जलसंधि पार करने के लिए वर्तमान यातायात घनत्व की वजह से कई दिनों तक कतार में लगे रहने की जरुरत नहीं पड़ेगी। चैनल पूरा होने के बाद, ऐसी उम्मीद है कि यह इस्तांबुल की जलसंधि से गुजरने वाले जहाज़ के यातायात, विशेष रूप से तेल के टैंकर के यातायात को कम कर देगा, और यह इस्तांबुल के अवकिलर, कुचुकसेकमेके, बसकसहिर और अर्नवूतकोय ज़िलों को शामिल करेगा। यह माना गया है कि निर्माण के चरण के दौरान 6,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा और संचालन के चरण के दौरान 1,500 लोगों को स्थायी रोजगार मिलेगा। भूवैज्ञानिक, भू-तकनीकी, जल-पारिस्थितिक और पर्यावरणीय प्रभावों के पूरा होने के बाद, परियोजना का निर्माण चरण शुरू होने की उम्मीद है। चैनल के निर्माण को दिलचस्पी के साथ देखा जा रहा है क्योंकि यह 1936 के मोंट्रेक्स कन्वेंशन जैसे, अंतर्राष्ट्रीय समझौते के अधीन नहीं होगा, जो काला सागर से भूमध्य सागर में युद्धपोतों के एक्सेस को प्रतिबंधित करता है, जिसे रूस द्वारा एक रणनीतिक बैकयार्ड माना जाता है। क्योंकि यह मानव निर्मित चैनल इस्तांबुल से गुजरता है, और किसी अंतर्राष्ट्रीय अनुबंध से संबंधित नहीं है, इसलिए इसे तुर्की द्वारा व्यवस्थित किया जायेगा।

अंकारा - इस्तांबुल की हाई स्पीड ट्रेन परियोजना

तुर्की हाई-स्पीड रेलवे के द्वारा लम्बी दूरी की यात्रा कम करेगा, जिसका निर्माण 2003 से शुरू हो गया है। देश की राजधानी अंकारा, इस अवधि के दौरान विकसित हुई और इसे सबसे बड़े जनसंख्या केंद्र, इस्तांबुल, के साथ जोड़कर, पहली नियोजित हाई-स्पीड रेलवे लाइन 17 मिलियन से ज्यादा लोगों की सेवा करेगी। इस प्रकार, अंकारा-एस्कीसेहीर, एस्कीसेहीर-इस्तांबुल और हलकाली-पेंडिक के बीच तीन चरणों में विकसित की गयी परियोजना के साथ, अंकारा-इस्तांबुल के बीच यात्रा का समय 6 घंटे और 30 मिनट से घटकर 3 घंटे हो गया है।

मार्च 2019 में, बोस्तांसी, सोगुटलूचेसमे, बाकीरकोय और हलकाली स्टेशनों को भी मारमराय के साथ एकीकृत करने का काम शुरू कर दिया गया है। अंकारा में - इस्तांबुल हाई स्पीड ट्रेन परियोजना, परिवहन परियोजनाओं के लिए तुर्की के प्रमुख निवेश का केवल एक हिस्सा है, और मुख्य रूप से अंकारा-कोन्या में, एडिर्ने से कार्स तक किसी रूकावट के बिना हाई-स्पीड ट्रेन नेटवर्क के लिए मार्ग संबंधी कार्यों पर निवेशित है। चीन से यूरोप तक फैले हुए कार्स-तबिलिसी-बाकू रेलवे के मारमराय रेल परिवहन से संयुक्त होने के बाद, तुर्की की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।

तुर्की यूरोप और एशिया के बीच एक सर्वोत्तम पारगमन बिंदु है, जो उन लोगों के लिए सुविधाएं प्रदान करके लाभ भी प्रदान करता है जो अचल संपत्ति खरीदकर तुर्की की नागरिकता पाना चाहते हैं। तुर्की की प्रमुख परिवहन परियोजनाएं सभी नागरिकों का जीवन आसान बनाती हैं, जो तुर्की के लोगों के साथ-साथ कम से कम 250,000 अमेरिकी डॉलर की अचल संपत्ति खरीदकर तुर्की नागरिकता पाने वाले लोगों के लिए है। ट्रेम ग्लोबल जैसे पेशेवर संगठन के सहयोग से तुर्की में गैर-तुर्की निवेशकों के लिए अचल संपत्ति निवेश ज्यादा आकर्षक बन जाता है, जो यूरोपीय संघ के साथ वीजा उदारीकरण की प्रक्रिया में है और यूरोपीय संघ के साथ पूर्ण सदस्यता वार्ता को बनाये रखे हुए है। वीजा उदारीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद, तुर्की के नागरिकों को यूरोपीय संघ में वीजा-मुक्त यात्रा प्राप्त का अवसर मिल सकता है। उन्नत परिवहन नेटवर्क, बड़े पैमाने पर राजमार्ग, हवाई अड्डे, मेट्रो, पुल और नहर भी दुनिया भर के निवेशकों को तुर्की के साथ काम करने के लिए आकर्षित करते हैं, साथ ही, इसे उन ज्यादातर विदेशियों द्वारा पसंद किया जाता है जो अचल संपत्ति में निवेश करना चाहते हैं।

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